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सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का रहस्य I The Secret Of Complete Physical & Mental Health In Hindi I Purbajon Ki Gaston Ko Kholen I Swath Jeevan Payen

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सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का रहस्य   हम सभी लम्बी उम्र के साथ-साथ पूर्ण स्वस्थ, और तनाव रहित, तथा बिना किसी दर्द को लिए जीवन जी सकते हैं I  हाँ ! यह कोई कौरी कल्पना नहीं-- हमारे प्राचीन ऋषि-मुनियों, और हमारे प्राचीन ग्रंथों के वैज्ञानिक प्रमाणित सत्य हैं; जिनको अपनाकर, और स्वयँ के अन्तर्मन के विश्वास, तथा मानसिक भावनाओं को बदलकर; हम श्वासों के माध्यम से चेतना जाग्रत्त करके हर पुराने दुःख-दर्दों, अन्तर-शरीर में दबे क्रोध तथा कुंठाओं-अवसादों को जीवन से सदा सदा के लिए दूर कर सकते हैं I   साथियों समझने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि-- आज आपके जो भी डर, दर्द और चिंताएँ या मानसिक और शारीरिक दिक्कतें हैं-- उनको आपने जन्म नहीं दिया है-- ये तो आपके पूर्वजों के दुःख, दर्द, क्रोध और अवसाद हैं-- जिनको आप आज भी जाने-अनजाने ढ़ोते आ रहे हो I  ये आपके पूर्वजों द्वारा झेले गए वे शारीरिक और मानसिक डर, क्रोध और दर्द हैं-- जिनको पूर्वजों ने झेला, और लम्बे समय तक महसूस किया था | जिनके कारण उनके शरीर में इनसे बचने के लिए शारीरिक परिवर्तन हो गए थे-- जिनकी उस समय ...

मानवता और मानवता धर्म l मानवता l HUMANITY l PEACE

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  मानवता और मानवता धर्म  ( HUMANITY )      " इंसान की इंसान के प्रति इंसानियत , दया , आदर देने के भाव स्वाभाविक रूप से आना और उसका पालन करना मानवता कहलाती है।      मानव जीवन का मूल धर्म ही संसार में प्रेम ,शांति बनाये रखना और पूरे  संसार व समाज को एक परिवार की तरह व्यव्हार करना है। हम जैसा हमारे लिए चाहते हैं ,उसी प्रकार का आदर,व्यव्हार दूसरों को देना ही हमारा कर्त्तव्य होना चाहिए ; यही हमारे जीवन का मूल उद्देश्य होना चाहिए। "      हमारे जीवन की शांति , सुख एवं समृद्धि का मूलभूत कारण ही सच्चरित्र तथा सदाचारी होकर सकारात्मक विचार रखना है। हम जीवन में सुख , शांति तभी प्राप्त कर सकते हैं ,जबकि हम सभी को आदर दें , दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें।       अगर हम किसी का भला न कर पाएं तो उनका अपमान, किसी भी प्रकार से बुरा करने का अधिकार भी नहीं है।         मानव होने के नाते हमें एक-दूसरे के सुख-दुःख में साथ निभाना चाहिए।        हम कितने भी धनवान , शक्तिशाली क्यों ना...