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विचार, मन और भावनाएँ हमारे मस्तिष्क की एक स्वाभाविक क्रियाएँ हैं I

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 विचार, मन और भावनाएँ हमारे मस्तिष्क की एक स्वाभाविक क्रियाएँ हैं l CONTROL YOUR BREATHING TO CONTROL MIND  हाँ ! मस्तिष्क से उठे तरह-तरह के अलग-अलग विचारों का जाल ही मन है I  मन अस्तित्वहीन है; जिसे हम दिल की गहरी भावनाओं के साथ जोड़कर खुश भी होते रहते हैं, या कभी कभी इतने दुखी, और निराश भी हो जाते हैं कि सब कुछ अशांत-दुखी, और बैचेन हो जाता है I  अतः; अगर आपको हर क्षण ख़ुशी-शांति, और तरक्की को अनुभव करते हुए पूर्ण स्वस्थ और सुखमय जीवन चाहिए-- तो स्वयँ को समझना, और स्वयँ को समय देकर अपने अंतर्मन की भावनाओं-विचारों, और तीब्र-इच्छाओं को विवेकशीलता के साथ समझना शुरू कर दो I  मन के जाल में ना फँसो; बल्कि बुद्धि का उपयोग करें, और मन में चल रहे विचारों का आत्मावलोकन शाँति, और धैर्य बनाए रखते हुए करें; तभी आप सही निष्कर्षों पर पहुँच कर सही निर्णय ले पाएँगे I  इससे हर कार्य सफ़ल भी होंगे, और आप हर प्रकार के तनाबों, तथा चिंताओं से भी बचे रहेंगे I मन क्या है ? ख़ुशी के साथ तनाबमुक्त सफलता पाने का रहस्य ● निम्न हिंदी वीडियो आपके लिए हितकर होंगे; कृपया चिंतन-मनन के साथ उपय...

ध्यान l MEDITATION

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ध्यान ( MEDITATION )              हमारे शरीर का पूरा नियंत्रण मष्तिष्क के नियंत्रण में होता है ।  मष्तिष्क का नियंत्रण मन के द्वारा होता है ; यहीं से सारे नियंत्रण सन्देश पुरे तंत्र को जाते हैं  ।           मन को साफ करने का सर्वोत्तम उपाय मैडिटेशन ( ध्यान ) होता है  ।  ध्यान का हमारे अवचेतन मन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिनके सयुंक्त प्रभाव से हम सकारात्मक-बोल ( AFFIRMATION ) का उपयोग करके कई आश्चर्यजनक  हल प्राप्त कर सकते हैं  ।      ध्यान मन को शाँत करने की विधि नहीं है ; यह अशांति वाली जगह , कारणों से शरीर और आत्मा को अलग करने की विधि है।  ध्यान से हम क्रोध , घृणा , डर वाले कारणों से हट जाते हैं और शांति का अनुभव करते हैं।  ध्यान नकारात्मक विचारों ( मन ) से हट जाने की विधि है।         ध्यान के द्वारा शरीर के चारों और एक ऊर्जा चक्र का निर्माण होता है ; जिनमें सृजित विश्व-शक्ति के उपयोग द्वारा शरीर के सारे रोग , दोष दूर हो जाते हैं , शरी...

मन को कैसे नियंत्रित करें l HOW TO CONTROL MIND l नकारात्मक्त विचार कैसे दूर करें ?

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मन को कैसे नियंत्रित करें    दृढ-इच्छाशक्ति      जब हम अपने विचारों ( मन ) पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं तो हम खुद के ही विचारों,भावनाओं लड़ रहे होते हैं ; हम खुद की क्षमताओं पर ही संदेह करने लग जाते हैं।       इस स्थिति में नकारत्मक विचारों को छाँटने व विशिष्ट विचारों को अपनाने में स्वयं को असमर्थ महसूस करते हैं। इससे हमें बैचेनी , निराशा , क्रोध ,आशंकाएँ सताने लगती हैं।       ऐसे समय हमें  सकारात्मक सोच  के साथ विचारों को परखना चाहिए और कोई निर्णय सोच-समझ के बाद लेना चाहिए। विचारों पर नियंत्रण करें और  नकारात्मक विचारों  को विवेक ,धैर्य के साथ सकारात्मक दिशा में बदलने का प्रयास करें।       अगर हम दृढ-इच्छाशक्ति के साथ खुद को समय देकर विचारों की नकारात्मकता पर सकारात्मक विचार करेंगे तो धीरे-धीरे सब सामान्य होता जायेगा ; समय के साथ-साथ हम अधिक संतुलित व  आत्मविश्वास  से भर जायेंगे।       मन ( नकारात्मक विचार ) चंचल होता है ,नकारात्मक विचारों से ही मन बनता...

मन l मन क्या है? l विचार और मन का सम्बन्ध l MIND l विचार l मन पर नियंत्रण

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मन , MIND , मन क्या है ?   मन           हम अक्सर यह शब्द सुनते और कहते रहते हैं कि - " उलझा हुआ मन " , " CONFUSED MIND ", भ्रम , " मन की सफाई " , " भ्रमित चित्त " , " मन की ताजगी ", " खुश मन - दुखी मन ", " अशांत मन "।       आखिर ये मन क्या है ? और मन खुश - दुखी या शांत - अशांत कैसे और क्यों होता है ?      क्या हममें से किसी ने मन को देखा है ? नहीं ना ?  तो फिर हम मन के बारे में ही क्यों ज्यादा सोचते-समझते रहते हैं ? क्यों हम अपनी हर परेशानी और समस्याओं को मन से जोड़ देते हैं ? इन सब पर विचार करके ही हम मन और विचारों के बारे में जान सकते हैं।       मन कोई चीज़ या वस्तु नहीं है जिसे देखा या छुआ जा सके। मन होता ही नहीं है ; हम हमारे उलझे हुए विचारों और उलझी हुई भावनाओं का सम्बन्ध मन से करने की भूल करते हैं।       मन कभी भी उलझा हुआ नहीं होता , उलझे हुए होते हैं तो हमारे विचार होते हैं।       अगर हम विचारों को सकारात्मक कर लें और सारी समस्याओं को सुल...

RISK I TAKING RISKS IS THE KEY OF SUCCESS l WHAT IS RISK

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  RISKS             It is only by taking risks that our paths of progress are made and we can become victorious.      There is always some risk involved in whatever work we do. Our growth and prosperity to a large extent depends on our ability to take risks.      Life is synonymous with struggle. It is difficult to get success without struggle.  To get big stable success, it is good to choose a long path and more struggle has to be done. By adopting easy and short paths and methods, only the success that ends soon will come.  If we needs permanent success , then a long way and hard work and big risks have to be taken.      Challenges will come in life, if you want to be successful then you have to face these challenges fearlessly.      Challenges only teach us to move forward in life, we learn something new to solve the challenges and the way forward is found. Short path will be...

THE 6 BASIC NEEDS THAT INFLUENCE SUCCESS l SUCCESS NEEDS

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"  THE 6 BASIC NEEDS THAT INFLUENCE SUCCESS ." SUCCESS WITH CONFIDENCE             It is not impossible to do anything in life; If our thoughts are high and we are devoted to work.       Every task wishes for its success with dedication, patience, hard work - and a plan.        After starting a task, think about its success.  If your passion and plan is right then success is certain . Then why should we think about unforeseen failure.        The work you have thought; Start it as soon as possible. Do not postpone today's work tomorrow.       Always listen to your mind, stop seeing and listening to others; Otherwise you will get all your plans in the water due to the unwanted fear and shame and you may have to face  great  disappointment.        Start each task with complete thought and with complete confidence with a good plan. Do no...