सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का रहस्य I The Secret Of Complete Physical & Mental Health In Hindi I Purbajon Ki Gaston Ko Kholen I Swath Jeevan Payen

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सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का रहस्य   हम सभी लम्बी उम्र के साथ-साथ पूर्ण स्वस्थ, और तनाव रहित, तथा बिना किसी दर्द को लिए जीवन जी सकते हैं I  हाँ ! यह कोई कौरी कल्पना नहीं-- हमारे प्राचीन ऋषि-मुनियों, और हमारे प्राचीन ग्रंथों के वैज्ञानिक प्रमाणित सत्य हैं; जिनको अपनाकर, और स्वयँ के अन्तर्मन के विश्वास, तथा मानसिक भावनाओं को बदलकर; हम श्वासों के माध्यम से चेतना जाग्रत्त करके हर पुराने दुःख-दर्दों, अन्तर-शरीर में दबे क्रोध तथा कुंठाओं-अवसादों को जीवन से सदा सदा के लिए दूर कर सकते हैं I   साथियों समझने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि-- आज आपके जो भी डर, दर्द और चिंताएँ या मानसिक और शारीरिक दिक्कतें हैं-- उनको आपने जन्म नहीं दिया है-- ये तो आपके पूर्वजों के दुःख, दर्द, क्रोध और अवसाद हैं-- जिनको आप आज भी जाने-अनजाने ढ़ोते आ रहे हो I  ये आपके पूर्वजों द्वारा झेले गए वे शारीरिक और मानसिक डर, क्रोध और दर्द हैं-- जिनको पूर्वजों ने झेला, और लम्बे समय तक महसूस किया था | जिनके कारण उनके शरीर में इनसे बचने के लिए शारीरिक परिवर्तन हो गए थे-- जिनकी उस समय ...

विचार की शक्ति l POWER OF THOUGHT

विचार की शक्ति        


        विचार एक प्रकार की हमारे दिमाग में उपजे आइडियाज / लक्ष्य  (IDEA ) को सफल बनाने  की एक ऊर्जा है I विचार हमारे कर्म , अनुभव से बनते हैं I विचारों की प्रबलता जब सम्पूर्णता में परिवर्तित होकर हमारे अन्तर्मन (अवचेतन मन ) में जगह बना लेते हैं तो यही हमारी आदत बन जाती है I विचारों से ही हम अपने सपने सच कर सकते हैं I 

       विचार ही हैं जो लक्ष्य  को संकल्प में परिवर्तित करते है , हमारे व्यवहार में परिवर्तन लाते हैं और हम कार्य की सफलता सुनिश्चित कर पाते हैं l

     
  विचारों के साथ भावनाएँ जुडी रहती हैं l भावनायें पवित्र होनी चाहिए l विचार  हमारे आस-पास के वातावरण को प्रभावित करते हैं , इससे हमारे व्यक्तित्व की पहचान होती है l 

        विचारों से हमारे कर्म बनते हैं ,व्यक्तित्व का विकास होता है l हमारी सकारात्मक ( POSITIVE ) व् नकारात्मक ( NEGETIVE ) भावनायें , उत्साह ,निरशा के भाव विचारों से बनते हैं l  

        हमारे शरीर पर और हार्मोन्स पर भी विचारों का प्रभाव पड़ता है; जिससे हमें जोश व् उत्साह का अनुभव होता है l हमारे आस - पास के विचारों का भी हम पर प्रभाव पड़ता है ; अतः हमें हमारे आस -पास सकारात्मक विचार वाले लोगों से ही सम्बन्ध रखना चाहिए l

        किसी विचार पर  जब बार -बार ध्यान करते हैं तो वह वृति बन जाती है l किसी कार्य की सफलता हमारे सकारात्मक विचार पर ही निर्भर करती है ; हमारा विश्वाश जितना दृढ़ होगा ; हम सफलता उतनी ही जल्दी प्राप्त कर लेंगे l 

       हमारे चेतन मन में आईडिया (IDEA ) बनता है l ये हमारे अंदर पहले से बने सकारात्मक/ नकारात्मक /शून्य भावों से तुलना करती है और एक नए विचार का जन्म होगा l इससे हमारे दिमाग में ऊर्जा का संचार होगा और ये विचार अपने से  समानता रखने वाले लोगों ,कार्य के प्रति आकर्षित होंगे l इससे हमारी एक सोच बनेगी ,आस-पास का वातावरण और हमारी आदत उसी के अनुरूप बनेंगी l अगर हमारी संकल्प शक्ति दृढ़ होगी और हम इस पर रोज ध्यान देंगे तो ये ही विचार हमारे अवचेतन मन में आदत के रूप में ढल जायेंगे और हमारा विश्वाश बढ़ जायेगा l तुम्हारे आत्मविश्वाश और उत्साह में बृद्धि होगी,जो आगे चलकर तुम्हारी सफलता का कारण बनेंगे l

       कार्य की सफलता विचारों पर निर्भर करती है l सकारात्मक विचार से नई ऊर्जा का संचार होता हैं, जिससे तुम में उत्साह व् स्पुर्थी का अहसास होगा l विचारों की प्रवलता हम ध्यान ( MEDITATION ) से बढ़ा सकते हैं l

       ध्यान से मन एकाग्रः होगा l ध्यान से नकारात्मक विचार दूर होंगे ;हमें नई ऊर्जा की अनुभूति होगी l

आपका ध्यान जिन विचारों पर केंद्रित होगा वैसा आपके जीवन में जरूर होगा ;बस जरुरत हैं बिश्वाश की व् विचारों को बार बार याद करने की , सकारात्मक सोच की l नकारात्मक विचार व् भावनाओ से दूर रहेl 


   ध्यान के साथ -साथ तुम्हें स्वयं में आनंदित होना सीखना होगा l तुम्हें आपके चारों ओर फैली खुशियों , भगवान द्वारा दी गई बहुमूल्य  वस्तुओं  व् सुभिधाओं के बारे में ध्यान करके भगवान को धन्यवाद करना आना चाहिए l इन कार्यों से तुम्हें तुम्हारी सफलता के मार्ग में सुखद अनुभव होंगे ओर तुम्हें आत्मविश्वाश की अनुभूति होगी l हमेशा भावनाएं लाएं कि कोई कार्य कठिन नहीं है , तुम आपने सपनों को पूरा जरूर करोगे क्यूंकि तुम्हारे प्रयास अच्छे ओर सोचे - समझे हैं l इनसे आपके अवचेतन मन में सकारात्मक भाव बनेंगे , तुम्हारा आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा तुम्हारे मन में उत्साह, स्फूर्ति बढ़ेगी l अवचेतन  मन की शक्ति तुम्हारे सपने साकार कर सकती हैं,तुम्हारे भीतर आत्मविश्वास भरकर l

उपरोक्त तीनों बातें ( विचार शक्ति , ध्यान करना , भगवान को उनके द्वारा प्रदत्त प्राकृतिक सुभिधाओँ के लिए धन्यवाद करना ) काफी महत्वपूर्ण हैं ; हमारे विश्वाश की शक्ति को बढ़ाने के लिए l 

       कार्य की सफलता में डर,चिंता न आने दें ; इससे विचारों पर विपरीत प्रभाव पड़ता हैं l जब भी डर सताए या नकारात्मक भावों का प्रवाह महसूस हो ,तब कुछ देर के लिए मन एकाग्रः करें और तुम्हारे द्वारा किये गए सकारात्मक कार्यों के बारे में विचार करें l सोचे तुम कितना आगे बढ़ चुके हो,तुम्हारा लक्ष्य काफी पास है,बस धैर्य की जरुरत है l 

नकारात्मक सोच ही डर का कारण होती है;नकारात्मक सोच को बदलने का सर्वोत्तम उपाय है- सकारात्मक सोचने लग जाएँ ;नकारात्मक स्वयं हट जायेगा l

आप सकारात्मक विचारों और भावों को लाएं , जो प्रेरणाप्रद हों, आशा और स्फूर्ति जगाएं l

 परिणाम प्राप्त करने के लिए धैर्य की जरुरत हैं, तभी हमारी भावनायें प्रवल होंगी और कार्य की सफलता प्राप्त होगी l 

       जो पाना चाहते हो ;उन पर अपना ध्यान केंद्रित करें l 

विचार से ही  भाग्य निर्धारित होता है ; व्यक्तित्व का निर्माण होता है l तुम जैसा सोचोगे ,बनते चले जाओगे ;बस दृढ इच्छा शक्ति ओर स्वयं पर विश्वास होना चाहिए l

एक बार में एक लक्ष्य ही बनायें ओर पूर्ण विश्वास के साथ लगन व् उत्साह से कार्य में लग जाएँ l

हमेशा अपने पसंद का कार्य चुनो ओर अपनी काविलियत के हिसाब से लक्ष्य बनायें l  

       हमेशा विचार उच्च रखें l विचार उच्च होंगे तभी जीवन भी उच्च स्तरीय होगा l

हमें हमारी मस्तिष्कीय शक्ति का प्रयोग उच्च विचारों को उत्त्पन करने में करना चाहिए , सकारात्मक चिंतन करना चाहिए l

       उच्च विचारों से ही हमारे उच्च व्यक्तित्व का निर्माण होगा l 

      मनोबल उच्च रखो l आत्म विश्लेषण करते रहो , जिज्ञासू बनो l

कार्य सिद्धि के लिए दृढ इच्छाशक्ति के साथ , पूर्ण विश्वास के साथ कार्य में लग जाओ - सकारात्मक सोच के साथ l परिस्थितियाँ अनुकूल होती जाएँगी ;अगर हमारा इरादा पक्का होगा ओर हम चट्टान की तरह निडरता से,पूर्ण आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य प्राप्ति का प्रयास करते रहेंगे l
हाँ ;धैर्य के साथ सफलता का इंतज़ार करना होगा l निराश नहीं होना है l

 
    हमें सोचना होगा कि हमारे मन में काफी समय से बुरे ओर निराशाजनक (Negative) विचार भरे थे ; सो उनको सकारात्मक में बदलने में समय तो लगेगा ही l अतः अच्छे समय का इंतज़ार तो करना ही होगाl 

विचारों में आकर्षण शक्ति होती है,- उच्च चुम्बकीय शक्ति l विचारों की अदृश्य और समर्थ शक्ति वातावरण में विचरण करती रहती है , बस जरुरत है तो उसे सकारात्मक सोच और दृढ विश्वाश के बल पर आकर्षित करके हमारे लक्ष्य की और दिशा देने की l जब आप अंदर से सकारात्मक चिंतन और गुणों से युक्त हो जाते हैं तो बाहरी संसार से भी आपको उसी के अनुरूप सफलता मिलती जाती है l


      आपके विचार जैसे होते हैं , आप उसी प्रकार के विचारों को आकर्षित करते हैं l

      अगर लक्ष्य ओर स्वप्न (Dreams) , सोच ऊँचे हों तो प्रयास भी बड़े होंगे ओर परिणाम स्वरुप सफलता भी उतनी ही बड़ी होगी l हमेशा बड़े सपने देखें ,बड़े विचार रखें l

आपके अंदर अद्भुत अपार शक्ति विधमान है l बड़ी सोच ओर बड़ी चुनौतियां इस शक्ति को जाग्रत करती हैं l 

लक्ष्य बड़ा होगा तो चुनौतियां भी बड़ी होंगीं ओर स्वतः ही हम हमारी अपार शक्ति का भरपूर सदुपयोग कर पाएँगे और सफलता भी उतनी ही बड़ी होगी l 

मुझे आपके अमूल्य सुझाव और विचार का इंतज़ार रहेगा l

    



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