विचार, मन और भावनाएँ हमारे मस्तिष्क की एक स्वाभाविक क्रियाएँ हैं I

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 विचार, मन और भावनाएँ हमारे मस्तिष्क की एक स्वाभाविक क्रियाएँ हैं l CONTROL YOUR BREATHING TO CONTROL MIND  हाँ ! मस्तिष्क से उठे तरह-तरह के अलग-अलग विचारों का जाल ही मन है I  मन अस्तित्वहीन है; जिसे हम दिल की गहरी भावनाओं के साथ जोड़कर खुश भी होते रहते हैं, या कभी कभी इतने दुखी, और निराश भी हो जाते हैं कि सब कुछ अशांत-दुखी, और बैचेन हो जाता है I  अतः; अगर आपको हर क्षण ख़ुशी-शांति, और तरक्की को अनुभव करते हुए पूर्ण स्वस्थ और सुखमय जीवन चाहिए-- तो स्वयँ को समझना, और स्वयँ को समय देकर अपने अंतर्मन की भावनाओं-विचारों, और तीब्र-इच्छाओं को विवेकशीलता के साथ समझना शुरू कर दो I  मन के जाल में ना फँसो; बल्कि बुद्धि का उपयोग करें, और मन में चल रहे विचारों का आत्मावलोकन शाँति, और धैर्य बनाए रखते हुए करें; तभी आप सही निष्कर्षों पर पहुँच कर सही निर्णय ले पाएँगे I  इससे हर कार्य सफ़ल भी होंगे, और आप हर प्रकार के तनाबों, तथा चिंताओं से भी बचे रहेंगे I मन क्या है ? ख़ुशी के साथ तनाबमुक्त सफलता पाने का रहस्य ● निम्न हिंदी वीडियो आपके लिए हितकर होंगे; कृपया चिंतन-मनन के साथ उपय...

सफलता l SUCCESS l सफलता के मूल मंत्र l Tips Of Success

   

सफलता

        हम जीवन में काफी सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए रोज अपनी सामर्थ्य के  अनुसार मेहनत भी करते हैं ; अगर में यूँ कहुँ तो एक मजदूर से लेकर एक अमीर आदमी सभी  जब उठते हैं तो इनमें से कोई भी ये नहीं चाहता कि "आज हम कामयाब नहीं होंगे और आज हम मेहनत नहीं करेंगे "।

सभी एक  नई ताजगी ,नई  ऊर्जा  के साथ काम की शुरुआत करते हैं। 

        लेकिन मुख्य दिक्कत ये  है  कि "हम  दिन  की शुरुआत तो  पूरे  जोश  और  उत्साह  के साथ  करते  है  लेकिन  जैसे-जैसे  समय  बीतता  है  जोश  कम होता  जाता  है  और  उसकी  जगह  निराशा और  उलटे  विचार हमारी  ऊर्जा  ही  खत्म  कर देते हैं।" 


कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है ?

        अगर  तुम  विचार  करोगे  तो  पाओगे  कि तुम्हारा  तुम पर  ही  विश्वास (Self confidence) नहीं था कि तुम सफल हो  सकते  हो।


        " तुमने  आज  के  सपने  दूसरों  के  भरोषे बुने  थे  जो  थोड़ी  सी  परेशानी  आने  पर  तुम्हारा  आत्म-विश्वास अपने आप  पर  ही गिर  गया।"

    तुम्हे अपने पर इतना भी विश्वास नहीं है कि सोच पाओ कि ये छोटी-छोटी असफलताएं ही तो तुम्हारी सफलता की पहली सीढ़ी हैं, अगर तुम  अपनी आज की असफलता पर विचार करो और पता लगा लो कि आज ऐसी कौनसी कमी थी जिसके बारे में अगर तुम सजग होते तो आज का  सपना पूरा कर सकते थे।
 
    अगर सफल होना है तो तुम्हे संघर्ष करना होगा - तुम्हारी विपरीत परिस्थितियो से और धैर्य भी रखना होगा। 
अच्छे समय की प्रतीक्षा प्रयास के साथ करनी होगी।

(अ). सफलता के सूत्र :-

    कभी भाग्य के भरोषे बैठे ना रहो और अपने बारे में ,अपने काम के बारे में विचार करते रहो।
हमेशा सकारात्मक सोच के साथ ; आत्मविश्वास के साथ मेहनत करो।
निराश  होकर  बैठना  नहीं  है। 


डर और नकारात्मक बातों के बारे में अधिक सोचना भी हमारी सफलता में बड़ा बाधक होता है।


    अत्यधिक सोचने की प्रवृत्ति आत्म-विश्वास को कम करके हमें नीरसता की ओर बढ़ाएगी और हमें आगे बढ़ने से रोक सकती है। 

        किन्ही नकारात्मक बातों के बारे में हद से ज्यादा सोचते रहना और अनचाहे डर और आक्रोश में उलझे रहना हमारे उज्जवल भविष्य ,सफलता और स्वस्थ्य के लिए हानिकारक है
इससे हम अपने दिमाग को सही दिशा में एकाग्रः नहीं कर पाते हैं, चिंता व नकारात्मक विचार हमें एक अनचाहे  डर और आक्रोश की और ही ले जाते हैं
इन्ही नकारात्मक सोच व फिजूल के भय के कारण हम कार्य को मुश्किल बना लेते हैं
। 
हमें अनुत्साह का, खिन्नता का अनुभव होने लगता है
 
          अत्यधिक नकारात्मक सोच के कारण हमारा आत्म-विश्वास कम होता है, हमारे मन में बैचेनी बढ़ती है और रक्त-प्रवाह में दिक्कत हो सकती है
। 

        अत्यधिक नकारात्मक सोच एक बुरी आदत या लत ( HEVIT और ADICTION ) है
अत्यधिक सोच हमारी रचनात्मक शक्ति को कमजोर करेगी

        इस अत्यधिक नकारात्मक सोच की बुरी आदत से बचने का एक ही उपाय है -- सकारात्मक सोच के साथ वर्तमान में जिओ और पहले क्या हुआ था और आगे क्या होगा की नकारात्मक बातों से जितना जल्दी हो सके दूरी बना लो  

        जो हो चुका उसे याद करके हम हमारा समय ही बर्वाद कर रहे  हैं -- ये हम अच्छे से  जानते हैं

        अतः सकारात्मक सोच के साथ ; वर्तमान में तुम्हारी नई योजना और उसकी सफलता के बारे में सोचें मिलने वाली उपलब्धियों के बारे मै कल्पना करें और सोचें- इन सबके बाद तुम्हारे अगले लक्ष्य और सपने क्या होंगे
 
        ये ही वे बातें हैं ,जो तुम्हे प्रेरित करेंगी ; तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य को  पूरा करने की  तुम्हारे उत्साह और आत्मविश्वाश को कभी कम न होने दें

         हमेशा वास्तविकता में जिओ, कार्य के बारे में सकारात्मक विचार रखो

         हमें समाधान-जनक विचार करने चाहिए और आने वाली परेशानियों  के समाधान और हमारी नई योजना में नए संशोधनों  के बारे विचार करना चाहिए , ताकि तुम्हारी सफलता सुनिश्चित हो सके और तुम्हारे सपने पूरे हो सके

     हमें सोच का नजरिया सकारात्मक बनाना ही होगा हमें हमारे मन को काबू में रखना ही होगा , जिससे हम अति-विचार से बच सकें


    हो सकता है कि तुम्हारे पास कामयाब होने के लिए पूरी सुबिधायें ना हों ; लेकिन अगर तुम प्रयास करोगे और सकारात्मक होकर रास्ता तलाश  करोगे तो एक अच्छा और लम्बा रास्ता जरूर मिलेगा जो लम्बा तो है लेकिन यही लम्बा रास्ता तुम्हें तुम्हारी सफलता की ऊँचाइओं तक ले  जायेगा।


(ब). सारी सफलता आत्मविश्वास से ही मिलती है


आत्मविश्वास से तुम्हें शक्ति और प्रेरणा मिलती है,प्रेरणा से तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान आ सकती है ;जो तुम्हरे मार्ग में कई औरों (other persons) को जोड़ सकती है ; ये तुम्हारे सकारात्मक सहयोग में सहायक हो सकते हैं। 

यही सारी बातें तुम्हें अंत में सफलता दिला देंगी ,जिसकी तुमने कल्पना भी नहीं की थी। 


** विस्तार से सफलता के रहस्य जानने के लिए निम्न को ध्यान से पड़ें , आपके सारे समाधान मिल जायेंगे :-


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